पीएम मोदी ने नवाचार में विविधता पर संस्कृत श्लोक साझा किया

पीएम मोदी ने नवाचार में विविधता पर जोर देते हुए संस्कृत श्लोक साझा किया।

Quick answer

पीएम मोदी ने नवाचार में विविधता पर जोर देते हुए संस्कृत श्लोक साझा किया।

PM Modi Highlights Diversity in Innovation with Sanskrit Ver · NewsDarpan AI

PM Modi Highlights Diversity in Innovation with Sanskrit Ver · NewsDarpan AI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून 2026 को नवाचार और उद्यमिता में विविधता की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें बताया गया कि अलग-अलग सोच और प्रतिभाएं प्रगति को आगे बढ़ाती हैं। यह संदेश उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया।

संस्कृत श्लोक "पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः। जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥" यह बताता है कि हर व्यक्ति की सोच और रचनात्मकता अलग होती है, जो नए अवसरों को जन्म देती है। मोदी ने समझाया कि जब अलग-अलग विचार और क्षमताएं मिलती हैं, तो नवाचार और विकास संभव होता है।

प्रधानमंत्री का यह संदेश विविधता को अपनाकर सामाजिक और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने की उनकी सोच को दर्शाता है। उन्होंने प्राकृतिक घटनाओं और मानव रचनात्मकता के बीच समानता दिखाकर उद्यमिता में अलग-अलग दृष्टिकोणों को अपनाने की अहमियत बताई।

यह संदेश भारत के नवाचार-आधारित पहल, जैसे स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी प्रगति, के बढ़ते महत्व के साथ मेल खाता है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह श्लोक भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक नवाचार और सहयोग के सिद्धांतों को जोड़ता है।

मुख्य बातें

  • पीएम मोदी ने 15 जून 2026 को संस्कृत श्लोक साझा किया।
  • श्लोक नवाचार और उद्यमिता में विविधता पर जोर देता है।
  • उन्होंने विविध विचारों को पानी के अलग-अलग स्वाद से जोड़ा।
  • यह संदेश उनके आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम मोदी ने कौन सा संस्कृत श्लोक साझा किया?

उन्होंने "पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः। जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥" साझा किया।

पीएम मोदी ने यह संदेश कहां साझा किया?

यह संदेश उन्होंने 15 जून 2026 को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया।

स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 15 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272819