भाषा:आप हिंदी में पढ़ रहे हैंRead this article in EnglishEN

कंबोडिया में 36 हजार भारतीय सिम कार्ड सक्रिय: साइबर धोखाधड़ी में 5,300 का इस्तेमाल

ईडी ने कंबोडिया से संचालित साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान और पंजाब में छापेमारी की। जांच में 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय पाए गए, जिनमें से 5,300 सिम कार्ड साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल हुए।

Quick answer

ईडी ने कंबोडिया से संचालित साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान और पंजाब में छापेमारी की।

जांच में 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय पाए गए, जिनमें से 5,300 सिम कार्ड साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल हुए।

ED uncovers cyber fraud network · NewsDarpan AI

ED uncovers cyber fraud network · NewsDarpan AI

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कंबोडिया से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान और पंजाब में सात स्थानों पर छापेमारी के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 14 मोबाइल फोन जब्त किए। जांच में खुलासा हुआ कि लगभग 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय थे, जिनमें से 5,300 सिम कार्ड भारत में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल किए गए। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जोधपुर साइबर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की।

ईडी के अनुसार, यह नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। सिम विक्रेता टेलीकॉम कंपनियों की पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) आईडी का उपयोग कर लोगों को नया सिम लेने या मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के बहाने बुलाते थे। कम पढ़े-लिखे लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजा जाता था।

यह कार्रवाई 5 जून को शुरू हुई और इसमें राजस्थान के किशनगढ़, नागौर और जोधपुर के साथ पंजाब के लुधियाना में छापेमारी की गई। जांच एजेंसी ने करीब 2.3 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। एजेंसी के अनुसार, इन नंबरों के जरिए देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।