दिल्ली को पक्षी-विविधता के मामले में विश्व की प्रमुख राजधानियों में गिना जाता है।
हाल ही में 'दिल्ली बर्ड एटलस' और पहली बार 'ग्रासलैंड बर्ड जनगणना' आयोजित की गई।
यह अध्ययन पक्षियों की विविधता और उनके आवास के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
दिल्ली को पक्षी-विविधता के मामले में विश्व की प्रमुख राजधानियों में गिना जाता है।
हाल ही में 'दिल्ली बर्ड एटलस' और पहली बार 'ग्रासलैंड बर्ड जनगणना' आयोजित की गई।
यह अध्ययन पक्षियों की विविधता और उनके आवास के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

Delhi ranks second globally in bird diversity among capitals, supported by the Delhi Bird Atlas and grassland bird census.
दिल्ली को पक्षी-विविधता के लिए विश्व की सबसे प्रमुख राजधानियों में से एक माना जाता है। यह शहर पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास स्थल है। हाल ही में 'दिल्ली बर्ड एटलस' और पहली बार 'ग्रासलैंड बर्ड जनगणना' आयोजित की गई। इन पहलों का उद्देश्य पक्षियों की विविधता को समझना और उनके आवास की स्थिति का विश्लेषण करना है।
'दिल्ली बर्ड एटलस' पक्षियों की आबादी और उनके आवासों का विस्तृत अध्ययन प्रदान करता है। यह अध्ययन पक्षियों की प्रवासी प्रवृत्तियों और उनके पर्यावरणीय महत्व को समझने में मदद करता है। इसके साथ ही, 'ग्रासलैंड बर्ड जनगणना' पहली बार दिल्ली के विशेष पारिस्थितिक तंत्रों पर केंद्रित है। इस जनगणना के माध्यम से घास के मैदानों में रहने वाले पक्षियों की स्थिति और उनकी विविधता का आकलन किया गया।
यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इन अध्ययनों से प्राप्त जानकारी न केवल पक्षियों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि शहरी जैव विविधता के महत्व को भी उजागर करेगी। दिल्ली की भौगोलिक और पारिस्थितिक विशेषताएं इसे पक्षी-विविधता के लिए एक अद्वितीय स्थान बनाती हैं।
संपादकीय संदर्भ: यह रिपोर्ट उपलब्ध स्रोत जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। नए आधिकारिक इनपुट आते ही कॉपी अपडेट की जाएगी। पाठकों से अपील है कि तथ्य जांच कर ही जानकारी साझा करें।