TMC नेता ने पार्टी के खाते फ्रीज करने की मांग की

बगावत के बीच TMC नेता ने बैंक से पार्टी के खाते फ्रीज करने को कहा, 'गंभीर विवाद' का हवाला नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अरूप बिस्वास ने पार्टी के बैंक खातों से लेनदेन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि संगठन में बड़े पैमाने पर बगावत के चलते नेतृत्व संकट पैदा हो गया है। बैंक को लिखे एक पत्र में बिस्वास ने बताया कि पार्टी में अलग-अलग गुट उभर आए हैं, जो खुद को पार्टी का असली प्रतिनिधि और पदाधिकारी बता रहे हैं।

इससे यह साफ नहीं हो पा रहा है कि TMC के वित्तीय संसाधनों को संभालने का अधिकार किसके पास है। पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे बिस्वास ने पार्टी के मामलों पर अधिकार और नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद पर चिंता जताई।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति में पार्टी के फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने बैंक से अपील की कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता या किसी सक्षम प्राधिकरण से निर्देश नहीं मिलते, तब तक कोई भी डेबिट ट्रांजेक्शन या ऑपरेशनल बदलाव न किया जाए।

बिस्वास ने यह भी कहा कि कोषाध्यक्ष रहते हुए उनके द्वारा साइन किए गए चेक अक्सर पार्टी ऑफिस में तत्काल जरूरतों के लिए रखे जाते थे। उन्होंने आशंका जताई कि नेतृत्व संकट के बीच इन चेकों का दुरुपयोग हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बिना सही मंजूरी के इन चेकों को भुनाया जा सकता है, जिससे पार्टी और उनके ऊपर कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारियां आ सकती हैं। बिस्वास ने बैंक से पार्टी के फंड को सुरक्षित रखने और किसी भी अनधिकृत लेनदेन को रोकने के लिए तुरंत एहतियाती कदम उठाने की अपील की।

यह अपील ऐसे समय में आई है जब TMC अपने गठन (1998) के बाद पहली बार बड़ी बगावत का सामना कर रही है। इस बगावत में 28 में से 20 लोकसभा सांसद और 60 में से 58 विधायक खुले तौर पर मौजूदा नेतृत्व का विरोध कर रहे हैं और एक अलग गुट बना चुके हैं।

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