राष्ट्रपति भवन: भारत की शान, इतिहास और भव्यता का अद्भुत प्रतीक

नई दिल्ली के रायसीना हिल पर स्थित राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है। अपनी शानदार वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और विशाल परिसर के कारण यह देश की सबसे प्रतिष्ठित इमारतों में गिना जाता है।

राष्ट्रपति भवन न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रपति आवासों में से एक माना जाता है और हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। राष्ट्रपति भवन क्यों है खास? राष्ट्रपति भवन का डिजाइन प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने तैयार किया था।

इसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में वायसराय हाउस के रूप में कराया गया था और वर्ष 1929 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। करीब 330 एकड़ में फैला यह विशाल परिसर भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला का शानदार संगम प्रस्तुत करता है।

भवन की विशाल गुंबदाकार संरचना, भव्य स्तंभ, आकर्षक उद्यान और ऐतिहासिक कक्ष इसकी पहचान हैं। यहां की वास्तुकला में मुगल, बौद्ध और पश्चिमी शैली के तत्वों का अनूठा मेल देखने को मिलता है।

अमृत उद्यान (पूर्व में मुगल गार्डन) का आकर्षण राष्ट्रपति भवन का सबसे लोकप्रिय हिस्सा अमृत उद्यान है, जिसे पहले मुगल गार्डन के नाम से जाना जाता था। यह उद्यान अपनी रंग-बिरंगी फूलों की क्यारियों, फव्वारों और सुंदर लैंडस्केपिंग के लिए प्रसिद्ध है।

हर वर्ष "उद्यान उत्सव" के दौरान इसे आम जनता के लिए खोला जाता है। इस दौरान गुलाब, ट्यूलिप, गेंदा और कई दुर्लभ फूलों की प्रजातियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। राष्ट्रपति भवन कैसे पहुंचे?

राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली के केंद्रीय क्षेत्र में स्थित है और इंडिया गेट तथा कर्तव्य पथ के निकट है। मेट्रो से निकटतम मेट्रो स्टेशन सेंट्रल सेक्रेटेरियट है, जहां दिल्ली मेट्रो की येलो और वायलेट लाइन उपलब्ध हैं। स्टेशन से राष्ट्रपति भवन लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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