गाजियाबाद , 26 अक्टूबर 2026: सरकारी हॉस्पिटल में तकनीक आधारित क्रिटिकल केयर सपोर्ट पहुंचाने से लेकर थैलेसीमिया के मरीजों के लिए विशेष सेवाएं शुरू करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने तक, यशोदा मेडिसिटी ने अपना पहला साल चिकित्सीय क्षमताएं विकसित करने और विशेष स्वास्थ्य
सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हुए पूरा किया है। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर 2025 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसका उद्घाटन किया था।
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद थे।
यशोदा मेडिसिटी, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के 35 वर्षों से अधिक के अनुभव और विरासत को आगे बढ़ा रही है। अस्पताल के अनुसार, पहले साल में आधुनिक इलाज, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग और इमरजेंसी तैयारियों से जुड़े कई कदम उठाए गए।
फरवरी 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पताल के एआई सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर का उद्घाटन किया। एमएमजी जिला अस्पताल के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक की मदद से गंभीर मरीजों की देखभाल की सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग और विशेषज्ञों की देखरेख से क्लीनिकल टीमों को गंभीर मरीजों की स्थिति पर नजर रखने और बदलाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलने की बात कही गई है। यशोदा मेडिसिटी का मुख्य रिसेप्शन क्षेत्र।
यह सेंटर आनुवंशिक रक्त विकार से पीड़ित लोगों को एक ही जगह विशेषज्ञ परामर्श, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी, जेनेटिक काउंसलिंग और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए मूल्यांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
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