अमेरिका-ईरान युद्ध पर ब्रेक: शांति समझौते की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चले युद्ध के बाद अब शांति समझौते की तैयारी हो रही है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और ऑपरेशन रोरिंग लायन शुरू किया था।

इस दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर खामैनी का अंत हुआ और हॉर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा। अब 19 जून को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।

समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फ्रीज़ करने पर सहमति दी है, लेकिन वह अपने देश में ही संवर्धित यूरेनियम को डायल्यूट करेगा। अमेरिका ने इसे स्वीकार कर लिया है।

इस युद्ध विराम के पीछे कई कारण हैं, जैसे अमेरिका में नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव और युद्ध के कारण बढ़ते क्रूड और गैस के दाम। इसके अलावा, चीन ने भी कूटनीतिक दबाव बनाकर अमेरिका को युद्ध रोकने पर मजबूर किया।

मुख्य बातें: - अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चला युद्ध अब खत्म होने की ओर। - 19 जून को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। - ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फ्रीज़ करने पर सहमति दी।

- युद्ध के कारण बढ़ते क्रूड और गैस के दाम ने अमेरिका को चुनावी दबाव में डाला। - चीन ने कूटनीतिक दबाव बनाकर अमेरिका को युद्ध रोकने पर मजबूर किया।

NewsDarpan

पूरी खबर पढ़ें

पूरी खबर पढ़ें