यूपी कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, एक्सप्रेसवे, जल परिवहन और आवास से जुड़े फैसले शामिल हैं। कैबिनेट ने निक स्कूल मैनपुरी के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला भी किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव पास हुआ है।
झांसी और ललितपुर में भंडारगृह निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। एफडीआई और वैश्विक कंपनियों के निवेश को लेकर इम्पावर्ड कमेटी के फैसले पर कैबिनेट ने मुहर लगाई।
यूपी की GCC नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पास किया गया। उत्तर प्रदेश में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को कैबिनेट की मंजूरी का प्रस्ताव है।
इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़े जाने हेतु लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने को वित्तीय मंजूरी देने का प्रस्ताव पास हुआ। यूपी में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस से जुड़ा प्रस्ताव भी 22 फैसलों में शामिल है.
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