मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे (भारत माला प्रोजेक्ट) पर खिरकिया नदी पर बना नया पुल गिर गया। यह पुल लगभग दो महीने पहले ही तैयार हुआ था, लेकिन अभी तक इस पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू नहीं हुई थी।
पुल का स्लैब गिरने से निर्माण की गुणवत्ता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद ठेकेदार ने खामियों को छुपाने के लिए गिरी हुई जगह पर बोरी और मिट्टी डाल दी। पुल का स्लैब गिरने से वहां बड़ा गड्ढा बन गया है।
स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर वीडियो बनाए और निर्माण में हुई लापरवाही को उजागर किया। पुल के निर्माण में केवल 10 एमएम मोटाई के सरिए का इस्तेमाल किया गया था, वह भी सिर्फ दो लेयर में। कंक्रीट की मोटाई भी केवल 4 इंच थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी कमजोर डिजाइन एक साधारण घर की छत के लिए इस्तेमाल होती है। अगर पुल चालू होता और भारी वाहन गुजरते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 206 किलोमीटर है, जिसमें से 39 किलोमीटर का हिस्सा खरगोन के बलवाड़ा और खंडवा के धनगांव के बीच आता है। इस हिस्से का ठेका GHV इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मिला था, जिसने इसे आगे सब-कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया।
NHAI के इंदौर यूनिट के कार्यकाल में यह पुल बना था, लेकिन अब यह हिस्सा खंडवा यूनिट को सौंप दिया गया है। घटना पर NHAI और ठेकेदार कंपनी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। मुख्य बातें - इंदौर-एदलाबाद हाईवे पर खिरकिया नदी पर बना नया पुल गिरा।
- पुल दो महीने पहले तैयार हुआ था, लेकिन अभी चालू नहीं हुआ था। - निर्माण में 10 एमएम सरिए और 4 इंच कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ। - पुल गिरने से NHAI और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल। - हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹3,900 करोड़।
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