सोशल जस्टिस और एम्पावरमेंट मंत्रालय ने 15 जून 2026 को टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत SC छात्रों की सफलता को उजागर किया। इस स्कीम ने 2025-26 में 4,700 से ज्यादा छात्रों को मदद दी, जिसमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च और पढ़ाई से जुड़ी ज़रूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी गई।
2007-08 में शुरू हुई इस स्कीम का मकसद ₹8 लाख तक की वार्षिक आय वाले SC परिवारों के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है। वर्षों में लाभार्थियों की संख्या और खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो ₹2.17 करोड़ से बढ़कर ₹117.19 करोड़ हो गया।
इस स्कीम के तहत छात्रों ने इंजीनियरिंग, कानून, मैनेजमेंट और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में बड़ी सफलता हासिल की है। अमेज़न और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जैसी कंपनियों में प्लेसमेंट ने इस स्कीम की अहमियत को साबित किया है।
यह पहल इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को भी बढ़ावा देती है, जिसमें लाभार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। सफलता की कहानियां इस स्कीम के भारत के विकास में योगदान को दर्शाती हैं।
टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम SC छात्रों को अकादमिक और प्रोफेशनल रूप से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे देश के निर्माण और आर्थिक विकास में मदद मिल रही है। मुख्य बातें - यह स्कीम ₹8 लाख तक की वार्षिक आय वाले SC छात्रों को मदद देती है।
- 2025-26 में 4,700 से ज्यादा छात्रों को ₹117.19 करोड़ की सहायता मिली। - छात्रों ने इंजीनियरिंग, कानून और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में सफलता पाई। - 2007-08 में शुरू हुई स्कीम का प्रभाव काफी बढ़ा है। - यह इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और देश निर्माण को बढ़ावा देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम क्या है? यह SC छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देने वाली सरकारी योजना है। इस स्कीम के लिए कौन पात्र है? ₹8 लाख तक की वार्षिक आय वाले SC छात्र पात्र हैं। स्रोत: Press Information Bureau (Govt.
NewsDarpan
पूरी खबर पढ़ें