ऑफिस का सामान घर ले जाना हो सकता है कानूनी अपराध

ऑफिस का सामान कहां होना चाहिए? नाम में ही है इसका जवाब ऑफिस का सामान कहां होना चाहिए? नाम में ही है इसका जवाब ऑफिस से पेन, कॉफी कैप्सूल या सोडा ले जाना भले ही छोटी बात लगे, लेकिन हांगकांग के रोजगार कानून के तहत ये तकनीकी रूप से अपराध है।

इसे अक्सर मामूली या बेकार समझा जाता है, लेकिन इसके कानूनी असर हो सकते हैं, जो कई लोगों को पता नहीं होते। कुछ लोगों को लगता है कि ऑफिस का सामान घर ले जाना कोई बड़ी बात नहीं है, या उन्हें लगता है कि ऐसा तो सब करते हैं। लेकिन ये सोच गलत है। असली मुद्दा मालिकाना हक का है।

ऑफिस का सामान कंपनी का होता है, कर्मचारियों का नहीं। इन चीजों को अपनी निजी जरूरतों के लिए "फ्री" समझ लेना एक बड़ी गलतफहमी है। कंपनियां ये सामान सिर्फ ऑफिस के काम के लिए देती हैं, और उनकी सहमति भी इसी इस्तेमाल तक सीमित होती है।

अगर कोई कर्मचारी इन सामानों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है या घर ले जाता है, तो ये उस सहमति की सीमा से बाहर हो जाता है। बिना साफ-साफ इजाजत के ऐसा करना गलत माना जाता है। अगर कोई ये कहे कि उसे नहीं पता था कि ये सामान सिर्फ ऑफिस के लिए है, तो ये बहाना भी काम नहीं करेगा।

"ऑफिस सप्लाइज" शब्द ही ये बताता है कि इनका इस्तेमाल सिर्फ ऑफिस में होना चाहिए। बिना इजाजत इन्हें लेना चोरी के दायरे में आता है, क्योंकि ये किसी और की संपत्ति को बेईमानी से लेने जैसा है।

कानूनी तौर पर ये बेईमानी का अपराध माना जाता है, और इसके सिद्धांत बड़े अपराधों जैसे लाखों की हेराफेरी से मिलते-जुलते हैं। फर्क सिर्फ पैमाने का है, लेकिन भरोसे और संपत्ति के अधिकार का हनन दोनों ही मामलों में एक जैसा है।

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