भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) 17 जून 2026, बुधवार को ₹50,000 करोड़ का वेरिएबल रेट रेपो (वीआरआर) ऑक्शन करेगा। यह ऑक्शन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक होगा। इसकी अवधि दो दिन की होगी और रिवर्सल डेट 19 जून 2026, शुक्रवार तय की गई है।
यह फैसला मौजूदा और बदलती लिक्विडिटी स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। वीआरआर ऑक्शन आरबीआई का एक टूल है, जो लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (एलएएफ) के तहत बैंकों को सरकारी सिक्योरिटीज़ के बदले फंड उधार देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस ऑक्शन के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइंस वही रहेंगी, जो आरबीआई की 20 जनवरी 2022 की प्रेस रिलीज़ में दी गई थीं। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहेगी।
₹50,000 करोड़ का यह ऑक्शन बैंकों को अस्थायी लिक्विडिटी राहत देने के लिए है, ताकि वे अपनी तुरंत की फंडिंग ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह कदम वित्तीय बाजारों में स्थिरता बनाए रखने और बैंकिंग सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए आरबीआई की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
बाजार के प्रतिभागी, जैसे बैंक और वित्तीय संस्थान, इस ऑक्शन के नतीजों पर नज़र रखेंगे, ताकि लिक्विडिटी ट्रेंड्स और शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों के संकेत मिल सकें। मुख्य बातें - आरबीआई 17 जून 2026 को ₹50,000 करोड़ का वीआरआर ऑक्शन करेगा।
- ऑक्शन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक चलेगा, अवधि 2 दिन की होगी। - ऑक्शन की रिवर्सल डेट 19 जून 2026 तय की गई है। - ऑपरेशनल गाइडलाइंस 20 जनवरी 2022 की आरबीआई फ्रेमवर्क पर आधारित होंगी। - यह ऑक्शन बैंकों की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी ज़रूरतों को पूरा करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 17 जून 2026 के आरबीआई वीआरआर ऑक्शन का उद्देश्य क्या है? यह ऑक्शन बैंकों की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए है। इस ऑक्शन की अवधि और रिवर्सल डेट क्या है? अवधि 2 दिन है और रिवर्सल डेट 19 जून 2026 है।
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