भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 15 जून 2026 को ₹7.15 लाख करोड़ के मनी मार्केट ऑपरेशन किए। इन लेन-देन का औसत दर 5.26% था, जिसमें दरें 1.50% से 5.65% के बीच रहीं। ओवरनाइट सेगमेंट में, कॉल मनी मार्केट में ₹18,322.10 करोड़ का लेन-देन हुआ, जिसकी औसत दर 5.29% रही।
ट्राइपार्टी रेपो सेगमेंट में ₹5.12 लाख करोड़ और मार्केट रेपो सेगमेंट में ₹1.77 लाख करोड़ का लेन-देन हुआ। कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो में ₹6,758.30 करोड़ का लेन-देन दर्ज किया गया। टर्म सेगमेंट में, नोटिस मनी का कुल लेन-देन ₹83.70 करोड़ रहा, जिसकी औसत दर 5.18% थी।
टर्म मनी का लेन-देन ₹1,012 करोड़ पर हुआ, जिसमें दरें 5.55% से 6.60% के बीच रहीं। मार्केट रेपो में ₹606.89 करोड़ का लेन-देन हुआ। लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के तहत, आरबीआई ने 5.26% की दर पर ₹28,220 करोड़ का रेपो ऑपरेशन किया।
वहीं, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) के जरिए ₹1.95 लाख करोड़ को 5.00% की दर पर अवशोषित किया गया। कुल शुद्ध लिक्विडिटी अवशोषण ₹1.61 लाख करोड़ रहा।
शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों ने आरबीआई के पास ₹7.60 लाख करोड़ का कैश रिज़र्व रखा, जो 15 जून को समाप्त पखवाड़े के लिए ₹7.90 लाख करोड़ की औसत दैनिक आवश्यकता से कम था। भारत सरकार का अधिशेष नकद बैलेंस ₹28,220 करोड़ रहा।
मुख्य बातें - आरबीआई ने 15 जून को ₹7.15 लाख करोड़ के मनी मार्केट ऑपरेशन किए। - औसत दर 5.26% रही, जिसमें दरें 1.50% से 5.65% के बीच थीं। - कॉल मनी में ₹18,322.10 करोड़ का लेन-देन 5.29% औसत दर पर हुआ। - कुल शुद्ध लिक्विडिटी अवशोषण ₹1.61 लाख करोड़ रहा।
- बैंकों ने आरबीआई के पास ₹7.60 लाख करोड़ का कैश रिज़र्व रखा। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 15 जून को आरबीआई के मनी मार्केट ऑपरेशन का कुल मूल्य क्या था? कुल मूल्य ₹7.15 लाख करोड़ था। 15 जून को शुद्ध लिक्विडिटी अवशोषण कितना था? शुद्ध लिक्विडिटी अवशोषण ₹1.61 लाख करोड़ था।
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