आरबीआई ने सरकारी सिक्योरिटी स्विच नीलामी पूरी की

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 15 जून 2026 को सरकारी सिक्योरिटी की स्विच नीलामी सफलतापूर्वक पूरी की। इस नीलामी में छोटी अवधि की सिक्योरिटी को लंबी अवधि की सिक्योरिटी में बदला गया, जिससे कर्ज की परिपक्वता को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके।

कुल आठ स्रोत सिक्योरिटी को अलग-अलग यील्ड और कट-ऑफ कीमतों के साथ डेस्टिनेशन सिक्योरिटी में बदला गया। नीलामी में बड़ी भागीदारी देखी गई। उदाहरण के तौर पर, 6.79% GS 2027 सिक्योरिटी के लिए 13 ऑफर मिले, जिनमें से 4 स्वीकार किए गए।

इससे ₹1,347.901 करोड़ की स्रोत सिक्योरिटी को ₹1,307.979 करोड़ की डेस्टिनेशन सिक्योरिटी (7.50% GS 2034) में बदला गया। इसी तरह, 7.26% GS 2029 सिक्योरिटी के लिए 32 ऑफर मिले, जिनमें से 24 स्वीकार किए गए।

इससे ₹2,000 करोड़ को ₹2,082.692 करोड़ की डेस्टिनेशन सिक्योरिटी (6.64% GS 2035) में बदला गया। डेस्टिनेशन सिक्योरिटी के लिए कट-ऑफ कीमत और यील्ड अलग-अलग रही, जिसमें यील्ड 6.8705% से 7.1890% तक थी।

यह नीलामी सरकार के कर्ज पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने और पुनर्वित्त जोखिम को कम करने की रणनीति का हिस्सा है। इस तरह की नीलामी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और कर्ज प्रबंधन को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

छोटी अवधि की सिक्योरिटी को लंबी अवधि में बदलकर सरकार अपने भुगतान दायित्वों को भविष्य की राजस्व अपेक्षाओं के साथ बेहतर तरीके से संरेखित कर सकती है।

आरबीआई के डिप्टी जनरल मैनेजर (कम्युनिकेशंस) अजीत प्रसाद ने प्रेस रिलीज़ में इन विवरणों की पुष्टि की और भारत के वित्तीय तंत्र में इन ऑपरेशनों के महत्व को रेखांकित किया। मुख्य बातें - आरबीआई ने 15 जून 2026 को स्विच नीलामी की।

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