प्रोजेक्ट GIB में 3 नए चूजे, कुल संख्या 94 पहुंची

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) संरक्षण प्रोजेक्ट में तीन नए चूजे शामिल हुए हैं, जिससे कैप्टिव स्टॉक की संख्या 94 हो गई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 14 जून 2026 को यह जानकारी दी। ये चूजे एक जंगली अंडे और दो कैप्टिव अंडों से निकले हैं।

यह GIB कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम का चौथा साल है, जिसमें अब तक 26 चूजे पैदा हुए हैं। इनमें से 18 चूजे कृत्रिम गर्भाधान से, 4 प्राकृतिक प्रजनन से और 4 जंगली अंडों से निकले हैं। यह प्रोग्राम भारत के इस गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी प्रजाति को बचाने के लिए चलाया जा रहा है।

इसके अलावा, राजस्थान में जंगली क्षेत्र में भी तीन चूजे पैदा हुए हैं। यह 'जंपस्टार्ट इंटरवेंशन' के तहत हुआ, जिसमें जंगली अंडों का आदान-प्रदान किया गया ताकि जेनेटिक विविधता बढ़ाई जा सके और शिकार के खतरे को कम किया जा सके।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड दुनिया की सबसे संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों में से एक है। इसके संरक्षण के लिए यह प्रोग्राम बेहद ज़रूरी कदम है। इस सीजन में और भी चूजों के पैदा होने की उम्मीद है। मुख्य बातें - प्रोजेक्ट GIB में 3 नए चूजे शामिल हुए। - कैप्टिव स्टॉक अब 94 पक्षियों तक पहुंचा।

- चौथे साल में 26 चूजे पैदा हुए, जिनमें 18 कृत्रिम गर्भाधान से। - राजस्थान में जंपस्टार्ट इंटरवेंशन से 3 जंगली चूजे पैदा हुए। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का कैप्टिव स्टॉक अब कितना है? कैप्टिव स्टॉक अब 94 पक्षियों तक पहुंच गया है।

चौथे साल में कितने चूजे पैदा हुए हैं? चौथे साल में कुल 26 चूजे पैदा हुए हैं। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272725

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