राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से शिक्षा के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवा भारत की ताकत, उम्मीद और उज्जवल भविष्य का प्रतीक हैं।
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने इसे न केवल व्यक्तियों बल्कि पूरे समाज को बदलने का साधन बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा युवाओं को नवाचार, नेतृत्व और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे तेजी से बदलती दुनिया में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और देश को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता भारत के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसे हासिल करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा साधन है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की प्रगति और विकास में करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा युवाओं को न केवल व्यक्तिगत सफलता दिलाती है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के लिए भी लाभकारी होती है।
राष्ट्रपति का यह संदेश देश के युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने शिक्षा को भारत के उज्जवल भविष्य की कुंजी बताते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बताया।
NewsDarpan
पूरी खबर पढ़ें