प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 सालों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने आयुष्मान भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर प्रोग्राम और पीएम भारतीय जन औषधि परियोजना की सराहना की, जिसने दवाओं की कीमतें कम की हैं।
सस्ते स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट्स से भी कई लोगों को फायदा हुआ है। इसके साथ ही, मेडिकल शिक्षा में संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से इसे ज्यादा लोगों के लिए सुलभ बनाया गया है।
पीएम मोदी ने X पर अपनी सोच साझा करते हुए स्वस्थ भारत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों को दिखाया। आयुष्मान भारत ने कमजोर वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं दी हैं, जबकि सस्ते मेडिकल उपकरणों ने मरीजों के खर्च को कम किया है।
मेडिकल शिक्षा का विस्तार स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी को दूर करने में मदद करेगा, जिससे भारत का हेल्थकेयर सिस्टम और मजबूत होगा। ये कदम सरकार की समावेशी स्वास्थ्य नीति और लंबे समय तक स्वस्थ भारत के विजन को दर्शाते हैं।
मुख्य बातें - पीएम मोदी ने भारत में 12 सालों की स्वास्थ्य प्रगति पर जोर दिया। - आयुष्मान भारत दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थकेयर प्रोग्राम है। - पीएम जन औषधि परियोजना ने दवाओं की कीमतें कम कीं। - सस्ते स्टेंट और घुटने के इम्प्लांट्स से मरीजों को फायदा हुआ।
- मेडिकल शिक्षा में संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ाई गई। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल आयुष्मान भारत क्या है? आयुष्मान भारत दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो कमजोर वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं देता है। मेडिकल शिक्षा में क्या सुधार हुआ है?
मेडिकल शिक्षा ज्यादा सुलभ हुई है क्योंकि संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272631
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