अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का हादसा 12 जून 2025 को हुआ था। लंदन जाने वाली यह फ्लाइट मेघानीनगर में BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर क्रैश हो गई थी। इस दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। सिर्फ एक यात्री जिंदा बचा था।
हादसे के एक साल बाद भी BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में उस त्रासदी के निशान पूरी तरह मिट नहीं पाए हैं। जहां विमान का मलबा गिरा था, वहां आज भी खून के धब्बे दिखाई देते हैं। हादसे में मारे गए लोगों के परिवार अब भी सदमे में हैं।
कुछ लोग उड़ान भरने से डरते हैं, जबकि कुछ काउंसलिंग के जरिए इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। गुजरात डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने इस हादसे को अपने करियर का सबसे दर्दनाक अध्याय बताया।
उन्होंने कहा कि 30 मिनट के भीतर 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया था। डीएनए मैचिंग के बाद पहला शव 14 जून को दोपहर 3:19 बजे सौंपा गया। फोरेंसिक साइंटिस्ट एचपी संघवी ने बताया कि उनकी टीम ने पहले 100 घंटों में 100 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए।
संघवी ने कटे हुए हाथ की तस्वीर को याद करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे वह मदद की गुहार लगा रहा हो। यह घटना आज भी उनके जेहन में ताजा है। मुख्य बातें - 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हुई। - हादसे में 241 यात्रियों और 19 अन्य लोगों की मौत हुई।
- गुजरात डीजीपी ने इसे अपने करियर का सबसे दर्दनाक अध्याय बताया। - फोरेंसिक टीम ने पहले 100 घंटों में 100 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए। - पीड़ित परिवार अब भी सदमे में हैं और कुछ काउंसलिंग ले रहे हैं।
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