मध्य प्रदेश भाजपा के पावर सेंटर में बदलाव सामने आया है। प्रदेश भाजपा के सबसे अहम रणनीतिक समूह यानी कोर ग्रुप की नई टीम के नाम सामने आ गए हैं। प्रदेश प्रभारी विप्लव देव के अनुमोदन के बाद सामने आई इस सूची में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम शामिल नहीं है।
यही बात अब भाजपा के सियासी गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है। मध्य प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप को संगठन और सरकार से जुड़े अहम राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने वाला मंच माना जाता है।
इस समूह में शामिल नेताओं की भूमिका प्रदेश की राजनीतिक दिशा, संगठन की गतिविधियों और महत्वपूर्ण फैसलों के लिहाज से अहम मानी जाती है। ऐसे में कोर ग्रुप की नई सूची सामने आने के बाद पार्टी के भीतर इसके राजनीतिक संदेश को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूची में शामिल नेताओं को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं, क्योंकि यह समूह संगठन और सत्ता से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाता है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं होने पर गया है। डॉ.
नरोत्तम मिश्रा को प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है। वह सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसी वजह से कोर ग्रुप की सूची में उनका नाम शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं।
पार्टी के भीतर और सियासी गलियारों में इस बात पर चर्चा है कि नई सूची में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जगह क्यों नहीं मिली। हालांकि, सिर्फ सूची में नाम नहीं होने के आधार पर इसे पार्टी में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका या उनके प्रभाव में कमी का निर्णायक संकेत नहीं माना जा सकता।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल इतना ही सामने आया है कि नई सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। प्रदेश प्रभारी विप्लव देव के अनुमोदन के बाद कोर ग्रुप के सदस्यों की सूची सामने आना संगठनात्मक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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