ग्वालियर में शीतला माता मंदिर मार्ग पर 17-18 अक्टूबर की दरमियानी रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की जान गई थी। हादसे को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिका में प्रशासनिक इंतजामों और जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए गए हैं। मामले पर हाईकोर्ट ने प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है।
अदालत ने प्रदेश के मुख्य सचिव यानी चीफ सेक्रेटरी, पुलिस महानिदेशक (DGP), गृह विभाग और परिवहन विभाग के प्रमुख सचिवों को नोटिस दिया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है।
ग्वालियर के संभाग आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले में जवाब देना है। इस तरह हाईकोर्ट ने प्रदेश स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ ग्वालियर के स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी जवाब तलब किया है।
शीतला माता मंदिर मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। भारी वाहनों की आवाजाही और प्रशासनिक निगरानी भी सवालों के घेरे में आई थी। हादसे में कई लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
घटना के बाद राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। इसके अलावा मंदिर मार्ग पर वाहनों के प्रवेश और वहां किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर भी चर्चा हुई। हादसे के बाद उठे इन सभी मुद्दों को अब जनहित याचिका के जरिए न्यायिक जांच के दायरे में लाया गया है।
हाईकोर्ट में हुई इस कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारियों के जवाब का इंतजार है। उनके जवाब से यह स्पष्ट होगा कि हादसे से जुड़े किन पहलुओं पर अदालत में विचार किया जाता है और आगे क्या निर्देश दिए जाते हैं। शीतला माता हादसे के बाद अब निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर हैं।
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