जिला अस्पताल गौरीगंज में तैनात डॉ. रुचिका सेठ और एक निजी ड्राइवर पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की गई है। शिकायत के बाद CMO अमेठी ने जांच टीम गठित कर दी है और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिकायत करने वाले व्यक्ति के मुताबिक, कल 26 अक्टूबर को उनका छोटा भाई शुभम अपनी पत्नी प्रतिमा को लेकर जिला अस्पताल गौरीगंज गया था। आरोप है कि वहां डॉ. रुचिका सेठ ने मरीज प्रतिमा से कहा, “8 बजे बाद पर्चा नहीं लूंगी।” शिकायतकर्ता का कहना है कि डॉक्टर ने अभद्र भाषा में भी बात की।
शिकायत में कहा गया है कि इस व्यवहार के बाद शुभम को अपनी पत्नी का इलाज किसी अन्य डॉक्टर से कराना पड़ा। छोटे भाई से फोन पर सूचना मिलने के बाद शिकायतकर्ता खुद जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंचे। उनका आरोप है कि अस्पताल के गेट पर बैठे एक व्यक्ति ने उनके साथ बदतमीजी की।
बाद में उन्हें पता चला कि वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं, बल्कि डॉ. रुचिका सेठ का निजी प्राइवेट ड्राइवर है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वही व्यक्ति सरकारी पर्चा ले रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सरकारी अस्पताल का हाल है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस घटना का वीडियो भी उनके पास है।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनके साथ ही ऐसा व्यवहार नहीं हुआ। उनके मुताबिक, संभावा के विवेक तिवारी और बरना टीकर के एडवोकेट शशांक सिंह जी के परिवार को भी इसी वजह से प्राइवेट और रायबरेली जाना पड़ा। उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत CMO अमेठी से की है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह कोई बड़ा आदमी नहीं, बल्कि एक आम पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों और परिजनों के साथ अस्पताल में अभद्र व्यवहार किया जाता है, उन्हें भी आगे आना होगा।
शिकायतकर्ता ने अफसोस जताया कि पीड़ित होने के बावजूद कोई आगे आना नहीं चाहता।
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