लोकसभा स्पीकर ने युवाओं से संविधान से प्रेरणा लेने की अपील की

लोकसभा स्पीकर ने हाल ही में युवाओं से अपील की कि वे 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए भारतीय संविधान से प्रेरणा लें। उन्होंने एक कार्यक्रम में यह बात कही, जिसमें संविधान के मूल्यों को भारत के भविष्य के निर्माण में अहम बताया गया।

भारतीय संविधान, जिसे 1950 में अपनाया गया था, देश के शासन और अधिकारों का मार्गदर्शक ढांचा है। स्पीकर ने युवाओं से इसके सिद्धांतों को समझने और अपनाने की अपील की ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

यह संदेश सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण से मेल खाता है जिसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी को अहम माना गया है। युवाओं की नागरिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में भागीदारी इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

स्पीकर ने शिक्षा और संविधान के अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर भी जोर दिया। ऐसे प्रयासों से युवाओं को समाज और शासन में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त किया जा सकता है।

इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को भारत की प्रगति में हिस्सेदारी लेने और संविधान के मूल्यों को देश के विकास के केंद्र में रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्य बातें - लोकसभा स्पीकर ने 'विकसित भारत' में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। - भारतीय संविधान शासन का मार्गदर्शक ढांचा है।

- स्पीकर ने राष्ट्र निर्माण में संविधान के मूल्यों की अहमियत बताई। - भारत के विकास के लिए युवाओं की भागीदारी ज़रूरी है। - संविधान के सिद्धांतों पर शिक्षा और जागरूकता पर जोर दिया गया। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, recent.

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2273560

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