'प्रेरणा से होती है क्रिएशन, साधनों से नहीं': कोच्चि बिएनाले के पहले गैर-भारतीय क्यूरेटर से मिलिए वेनेजिया: भारत के सबसे बड़े कंटेम्पररी आर्ट इवेंट कोच्चि-मुजिरिस बिएनाले (KMB) ने अपने सातवें एडिशन के लिए क्यूरेटर के तौर पर कादर अत्तिया को चुना है। यह इवेंट 2027-28 में होगा।
यह बिएनाले के इतिहास में पहली बार है जब किसी गैर-भारतीय को यह जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को वेनिस बिएनाले के प्री-ओपनिंग इवेंट में कोच्चि बिएनाले फाउंडेशन के प्रतिनिधि जितेश कल्लट ने यह घोषणा की।
55 साल के फ्रेंच-अल्जीरियन आर्टिस्ट कादर अत्तिया पश्चिमी आधुनिकता और उपनिवेशवाद के गैर-पश्चिमी संस्कृतियों पर प्रभाव को लेकर अपने काम के लिए मशहूर हैं।
उनके काम पेरिस के सेंटर पोम्पिडू, लंदन के टेट मॉडर्न और न्यूयॉर्क के म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट और गुगेनहाइम जैसे बड़े कलेक्शंस का हिस्सा हैं। उनकी सबसे चर्चित कृतियों में से एक है *घोस्ट*, जिसमें सैकड़ों घुटनों पर झुके शरीर एल्युमिनियम फॉयल में लिपटे हुए हैं।
यह इंस्टॉलेशन सामुदायिक चुप्पी और सामाजिक-राजनीतिक मिटावट जैसे मुद्दों पर बात करता है। कादर अत्तिया इस रोल में काफी अनुभव लेकर आ रहे हैं। उन्होंने 2022 में बर्लिन बिएनाले क्यूरेट किया था और 2016 में फ्रांस का प्रतिष्ठित मार्सेल डुचांप प्राइज जीता था।
इस समय वह दूसरी बार वेनिस बिएनाले में अपनी प्रदर्शनी कर रहे हैं। अपनी नियुक्ति पर बात करते हुए अत्तिया ने कोच्चि बिएनाले को "कंटेम्पररी आर्ट इवेंट्स का भविष्य" बताया। उन्होंने इसकी उस अनूठी अप्रोच की तारीफ की जिसमें आर्टिस्ट्स को क्यूरेटर बनने का मौका दिया जाता है।
उनका मानना है कि इससे क्यूरेटर और भाग लेने वाले आर्टिस्ट्स के बीच बेहतर समझ बनती है। अल्जीरियाई माता-पिता के घर जन्मे और फ्रांस व अल्जीरिया में पले-बढ़े अत्तिया अपनी परवरिश को अपनी आर्टिस्टिक सोच का आधार मानते हैं।
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