भारतीय रेलवे ने गुजरात के वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन में 598 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 लगाने के लिए ₹140 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर किया है।
यह घोषणा 15 जून 2026 को हुई और इसका मकसद 48 ब्लॉक सेक्शन में स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के जरिए रेल सुरक्षा बढ़ाना है। कवच सिस्टम का उद्देश्य सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) जैसी घटनाओं को रोकना और टकराव के जोखिम को कम करना है।
यह सिस्टम जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगाता है और ट्रेन की स्पीड को नियंत्रित करता है। यह प्रोजेक्ट रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और सुरक्षा बढ़ाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। पहले, अहमदाबाद डिवीजन के 702 रूट किलोमीटर पर कवच की मंजूरी दी गई थी।
इस नई मंजूरी के साथ, डिवीजन के बाकी हिस्सों को भी कवच सिस्टम से कवर किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह प्रोजेक्ट LTE-बेस्ड कम्युनिकेशन बैकबोन का इस्तेमाल करेगा, जो रेलवे के आधुनिक तकनीकों को अपनाने की रणनीति के तहत है।
कवच का विस्तार सरकार की स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क पर कवच का विस्तार कर रहा है ताकि यात्री और संचालन सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। मुख्य बातें - अहमदाबाद डिवीजन में कवच वर्जन 4.0 के लिए ₹140 करोड़ मंजूर।
- 598 रूट किलोमीटर और 48 ब्लॉक सेक्शन को कवर करेगा। - कवच SPAD जैसी घटनाओं को रोकता है और टकराव के जोखिम को कम करता है। - यह रेलवे की आधुनिकता और सुरक्षा बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। - पहले इसी डिवीजन के 702 रूट किलोमीटर के लिए मंजूरी दी गई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल कवच सिस्टम का उद्देश्य क्या है? कवच रेल सुरक्षा बढ़ाने के लिए SPAD जैसी घटनाओं को रोकता है, ट्रेन की स्पीड नियंत्रित करता है और टकराव के जोखिम को कम करता है। नए प्रोजेक्ट में कितने रूट किलोमीटर कवर होंगे?
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