15 जून 2026 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर स्लोवाकिया का दौरा किया। यह ऐतिहासिक दौरा 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा था।
इस दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' तक बढ़ाने का फैसला किया। इस साझेदारी का उद्देश्य व्यापार, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है।
दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, खुले व्यापार और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने संसदीय आदान-प्रदान और उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद को बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए स्लोवाकिया के समर्थन की सराहना की। दोनों देशों ने बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आतंकवाद व साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करने का निर्णय लिया।
आतंकवाद के खिलाफ एक संयुक्त कार्य समूह बनाने की घोषणा की गई। रक्षा सहयोग पर एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें रक्षा तकनीक, क्षमता निर्माण और औद्योगिक सहयोग पर ध्यान दिया गया।
इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा जैसे परमाणु और भू-तापीय ऊर्जा में सहयोग और क्षेत्रीय परियोजनाओं के माध्यम से सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर सहमति हुई। यह दौरा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मजबूत करता है और व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक शासन में सहयोग के नए रास्ते खोलता है।
मुख्य बातें - 15 जून 2026 को पीएम मोदी ने स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा किया। - भारत और स्लोवाकिया ने 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' की घोषणा की। - व्यापार, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग पर जोर दिया गया। - स्लोवाकिया ने भारत की यूएन सुरक्षा परिषद सदस्यता का समर्थन किया।
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