भारत ने WHO की हर्बल फार्माकोपिया मीटिंग में हिस्सा लिया

भारत ने हाल ही में WHO की 5वीं एक्सपर्ट मीटिंग में हिस्सा लिया, जो इंटरनेशनल हर्बल फार्माकोपिया पर केंद्रित थी। इस मीटिंग में हर्बल मेडिसिन के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। PCIM&H ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो आयुष मंत्रालय के तहत काम करता है।

फार्माकोपिया कमीशन फॉर इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी (PCIM&H) भारतीय पारंपरिक दवाओं के लिए मानक तय करने वाली प्रमुख संस्था है। इस मीटिंग में भाग लेकर भारत ने हर्बल फार्माकोपिया के लिए अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने में अपनी भूमिका को मजबूत किया।

इसका उद्देश्य हर्बल मेडिसिन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। WHO का इंटरनेशनल हर्बल फार्माकोपिया प्रोजेक्ट पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाली हर्बल दवाओं के मानकों को एकसमान बनाने की कोशिश करता है।

भारत की भागीदारी आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में उसकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है। यह सहयोग भारत के प्रयासों को भी दर्शाता है, जो पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे में शामिल करने की दिशा में है।

यह WHO के मिशन को समर्थन देता है, जो हर्बल मेडिसिन की वैज्ञानिक मान्यता और विश्वसनीयता को बढ़ाने पर काम कर रहा है। मुख्य बातें - भारत ने WHO की 5वीं हर्बल फार्माकोपिया मीटिंग में हिस्सा लिया। - PCIM&H ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।

- मीटिंग में हर्बल मेडिसिन के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर चर्चा हुई। - WHO हर्बल मेडिसिन प्रैक्टिस को एकसमान बनाने की कोशिश कर रहा है। - भारत WHO के पारंपरिक चिकित्सा को वैज्ञानिक मान्यता देने के प्रयासों का समर्थन करता है। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल WHO की मीटिंग में किस पर चर्चा हुई?

मीटिंग में हर्बल मेडिसिन के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर चर्चा हुई। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, recent. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2273545

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