भारत-स्लोवाकिया संबंध अब व्यापक साझेदारी बने — पूरी जानकारी

भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 जून 2026 को स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान लिया गया।

यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम पड़ाव है। दोनों नेताओं ने व्यापार, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए। डिजिटल टेक्नोलॉजी पर हुए एमओयू से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ेगा। स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई पर 'इंडिया चेयर' स्थापित की जाएगी।

भारत ने स्लोवाकिया द्वारा इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने में दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप्स और व्यापारियों को इससे लाभ होगा।

अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग पर भी जोर दिया गया, जिसमें भारत ने 2017 में स्लोवाकिया का पहला सैटेलाइट लॉन्च किया था। सांस्कृतिक संबंधों में भारतीय उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद और भारतीय मूल के लोगों का स्लोवाकिया की अर्थव्यवस्था में योगदान शामिल है।

पेशेवरों और कुशल श्रमिकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए लेबर माइग्रेशन पर एमओयू की घोषणा हुई, और सोशल सिक्योरिटी समझौते की योजना बनाई जा रही है।

दोनों नेताओं ने वैश्विक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप बनाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाक प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया। मुख्य बातें - भारत-स्लोवाकिया संबंध व्यापक साझेदारी बने।

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