प्रधानमंत्री की 14 जून 2026 को फ्रांस यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस ने 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030, फ्रांस में UPI का विस्तार और AI गवर्नेंस के लिए एक नई वर्किंग ग्रुप का गठन शामिल है।
इन समझौतों का उद्देश्य एरोनॉटिक्स, डिजिटल साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। कानपुर में एरोनॉटिक्स के लिए एक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा और पेरिस के स्टेशन एफ में 10 भारतीय स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया जाएगा।
ये पहल इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देती हैं। व्यापार और निवेश के क्षेत्र में, अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा, आर्थिक सुरक्षा संवाद शुरू किया गया है।
भारत में रेलवे और हाई-स्पीड रेलवे के विकास में सहयोग की घोषणा भी की गई। रणनीतिक रूप से, गोपनीय जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एक जनरल सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए और इसरो और CNES ने माइक्रोग्रैविटी रिसर्च और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में सहयोग करने का निर्णय लिया।
यह यात्रा इनोवेशन, आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भारत-फ्रांस संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्य बातें - भारत-फ्रांस ने इनोवेशन रोडमैप 2030 अपनाया। - कानपुर में एरोनॉटिक्स स्किलिंग सेंटर बनेगा।
- फ्रांस में UPI का विस्तार होगा। - पांच साल में व्यापार दोगुना करने की योजना बनी। - इसरो और CNES अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग करेंगे। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 क्या है? यह भारत और फ्रांस के बीच तकनीक, शोध और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने का ढांचा है।
कानपुर में बनने वाले सेंटर का उद्देश्य क्या है? यह एरोनॉटिक्स और संबंधित क्षेत्रों में उन्नत स्किलिंग प्रदान करेगा। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272781
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