तमिलनाडु विधानसभा: राज्यपाल अर्लेकर ने दो बार राष्ट्रगान गाने की तारीफ की, इसे नई शुरुआत बताया तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार, 18 जून 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रगान को शुरुआत और अंत में गाने की अनोखी परंपरा की तारीफ की।
उन्होंने इसे ऐतिहासिक पल बताया जो लोकतंत्र की गरिमा को दर्शाता है और विधानसभा की कार्यवाही में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा, "पहली बार, राष्ट्रगान को सत्र की शुरुआत और मेरे संबोधन के अंत में गाया गया।" उन्होंने इसे तमिलनाडु के लोगों की राज्य सरकार और राज्यपाल कार्यालय के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंधों की उम्मीदों का प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि कार्यवाही बिना किसी बाधा के पूरी हुई। उन्होंने बताया कि तीन साल में पहली बार उनका पूरा संबोधन बिना रुकावट के पढ़ा गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि यह दिन विधानसभा के लिए एक नया अध्याय है।
राज्यपाल अर्लेकर ने लोकतंत्र में सभी पक्षों के बीच सामंजस्यपूर्ण और एकीकृत संबंध बनाने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जरूरतों और उम्मीदों को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास एक स्थिर और आदर्श सरकार की स्थापना की दिशा में कदम है।
यह सत्र तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा की शुरुआत का प्रतीक था और इसे राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का एक अहम पल माना गया।
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