सरकार ने डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए आदेश जारी किया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 'मोटर स्पिरिट और हाई-स्पीड डीजल (अस्थायी आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026' जारी किया है। यह आदेश डीजल की जमाखोरी और काले बाज़ारी को रोकने के लिए लागू किया गया है।

यह अस्थायी नियम 90 दिनों तक मान्य रहेगा और खुदरा उपभोक्ताओं को डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। यह कदम पीएसयू तेल विपणन कंपनियों के खुदरा आउटलेट्स पर डीजल बिक्री में वृद्धि के कारण उठाया गया है।

बड़े उपभोक्ता कीमतों के अंतर के कारण समर्पित पंपों से खरीदारी छोड़कर खुदरा आउटलेट्स से डीजल खरीद रहे हैं। मई 2026 में निजी तेल कंपनियों की डीजल बिक्री में 58% की गिरावट दर्ज की गई। 327 जिलों में डीजल बिक्री में 10% से अधिक वृद्धि हुई, जबकि 80 जिलों में यह वृद्धि 30% से अधिक रही।

नए आदेश के तहत, खुदरा आउटलेट्स से डीजल केवल वाहन टैंकों या PESO-अनुमोदित कंटेनरों में ही दिया जाएगा, जिसकी सीमा प्रति ग्राहक 200 लीटर प्रतिदिन होगी। बड़े उपभोक्ताओं को खुदरा आउटलेट्स से डीजल खरीदने की अनुमति नहीं होगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंड लगाया जाएगा। सरकार खुदरा उपभोक्ताओं को आपूर्ति बाधाओं से बचाने और जमाखोरी रोकने के लिए यह कदम उठा रही है।

पश्चिम एशिया संकट के दौरान पीएसयू तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर ₹500 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान उठा रही हैं। भारत, दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर, ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए सक्रिय उपाय कर रहा है। स्रोत: Press Information Bureau (Govt.

of India) प्रेस विज्ञप्ति, 12 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272080

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