जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने PM JANMAN और PM JUGA जैसी पहलों के तहत जनजातीय कल्याण में बड़ी प्रगति की है। पिछले 12 वर्षों में इन कार्यक्रमों ने वंचित जनजातीय समुदायों को गरिमा, अवसर और विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
नवंबर 2023 में शुरू हुआ PM JANMAN, 18 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को लक्षित करता है। ₹24,104 करोड़ के बजट के साथ, यह आवास, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवा और आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को पूरा करता है।
अब तक 491 वन धन विकास केंद्र (VDVK) चालू किए गए हैं, जिससे 38,000 से अधिक PVTG सदस्यों को कौशल और उद्यमिता प्रशिक्षण मिला है। अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ PM JUGA, 17 मंत्रालयों के प्रयासों को समेकित करता है ताकि जनजातीय बहुल गांवों का उत्थान हो सके।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) का भी विस्तार हुआ है, जिसमें अब 499 स्कूलों में 1.56 लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। ये स्कूल आधुनिक शिक्षा और सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे कई प्रथम पीढ़ी के छात्र, जैसे कि जटिन नेगी, IIT जोधपुर में प्रवेश पाने में सफल हुए।
सरकार ने जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) को भी मजबूत किया है, जो जनजातीय संस्कृति और ज्ञान को संरक्षित करते हैं। ये संस्थान परंपराओं का दस्तावेजीकरण करते हैं, जागरूकता बढ़ाते हैं और नीति निर्माण में योगदान देते हैं।
ये पहल बिखरी हुई कल्याण योजनाओं से हटकर समग्र विकास की ओर बदलाव को दर्शाती हैं, जिससे दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र अब भारत की विकास यात्रा में पीछे नहीं रहेंगे। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 12 JUN 2026.
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2271997
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