केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 जून 2026 को भोजपुर में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास और पटना में एनएफडीबी रीजनल सेंटर का उद्घाटन करेंगे। ये प्रोजेक्ट बिहार की इनलैंड फिशरीज को आधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से मजबूत करने के लिए हैं।
भोजपुर के वनसौर फिश सीड फार्म में बनने वाला एक्वा पार्क प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत ₹31.21 करोड़ की लागत से तैयार होगा। इसमें कार्प और कैटफिश हैचरी, बायोफ्लॉक सिस्टम, आरएएस यूनिट और फिश फीड मिल जैसी सुविधाएं होंगी।
यह पार्क बीज उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक मछली पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा। पटना में एनएफडीबी रीजनल सेंटर बिहार और पूर्वी क्षेत्र के लिए मछली पालन का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
यह बायोफ्लॉक और केज कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा और मछुआरों और उद्यमियों को ट्रेनिंग और तकनीकी मदद देगा। बिहार, जो अपने विशाल जल संसाधनों के लिए जाना जाता है, देश में चौथे स्थान पर इनलैंड फिश प्रोड्यूसर बन चुका है।
पिछले 11 वर्षों में ₹902.84 करोड़ के निवेश से मछली उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे बिहार अब मछली का नेट एक्सपोर्टर बन गया है। ये पहल राज्य में मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने, रोजगार बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा हैं।
मुख्य बातें - 15 जून 2026 को भोजपुर में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास। - पटना में एनएफडीबी रीजनल सेंटर का उद्घाटन भी उसी दिन। - ₹31.21 करोड़ की लागत से पीएमएमएसवाई के तहत बनेगा एक्वा पार्क। - बिहार इनलैंड फिश प्रोडक्शन में चौथे स्थान पर, अब नेट एक्सपोर्टर।
- पिछले 11 वर्षों में बिहार की फिशरीज में ₹902.84 करोड़ का निवेश। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल भोजपुर में बनने वाले एक्वा पार्क की लागत कितनी है? यह पार्क पीएमएमएसवाई के तहत ₹31.21 करोड़ की लागत से बनेगा। पटना में एनएफडीबी रीजनल सेंटर का उद्देश्य क्या है?
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