नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली फ्लाइट शुरू हुई। लखनऊ से इंडिगो की फ्लाइट एयरपोर्ट पर उतरी, जिसे वाटर कैनन सलामी दी गई। इसके बाद फ्लाइट 161 यात्रियों को लेकर बेंगलुरु रवाना हुई।
एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले 170 किसान, जिनमें 20 महिला किसान शामिल थीं, स्पेशल फ्लाइट से नोएडा से लखनऊ पहुंचे। इन किसानों ने लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की। एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था।
पहले फेज का काम पूरा हो चुका है, जिसमें 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए गए हैं। इस प्रोजेक्ट पर 11 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। एयरपोर्ट को 4 फेज में बनाया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा।
एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और 5 सालों में यह बनकर तैयार हुआ। यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे। आज से हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी नियमित फ्लाइट्स शुरू हो रही हैं। इंडिगो 16 जून से नोएडा से बेंगलुरु और जम्मू के लिए फ्लाइट शुरू करेगी।
अकासा एयर भी 16 जून को नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए दैनिक उड़ानें शुरू करेगी। इसके अलावा बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून के लिए भी फ्लाइट्स शुरू होने वाली हैं।
मुख्य बातें - नोएडा एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट सोमवार को लखनऊ से आई और वाटर कैनन सलामी दी गई। - 170 किसान, जिनमें 20 महिलाएं शामिल थीं, स्पेशल फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे और सीएम योगी से मुलाकात की। - एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था।
- पहले फेज में 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए गए हैं। - एयरपोर्ट पर 11 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और इसे 4 फेज में बनाया जा रहा है।
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