DMK ने 8 जून को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर चुनाव के बाद 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के तहत पांच सीटें जीती थीं।
लेकिन चुनाव के बाद कांग्रेस ने एकतरफा फैसला लेते हुए DMK से गठबंधन तोड़ दिया और TVK के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गई। यह घटनाक्रम DMK और कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
दोनों पार्टियां पहले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के तहत सहयोग कर रही थीं, लेकिन अब उनके बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। DMK का यह कदम INDIA ब्लॉक के भीतर बढ़ते असंतोष को भी उजागर करता है।
यह ब्लॉक राष्ट्रीय स्तर पर सत्तारूढ़ पार्टी को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों का एक गठबंधन है। 8 जून की बैठक में विपक्षी दलों के बीच रणनीति और एकता पर चर्चा होनी थी। हालांकि, DMK की गैरमौजूदगी से इस बैठक के उद्देश्यों पर असर पड़ सकता है।
DMK की ओर से इस फैसले पर अभी तक और कोई जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम विपक्षी गठबंधनों के भीतर राजनीतिक प्राथमिकताओं और रणनीतियों में मतभेदों को उजागर करता है।
INDIA ब्लॉक के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, क्योंकि गठबंधन की एकता और सामंजस्य पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह देखना बाकी है कि क्या DMK और कांग्रेस के बीच कोई सुलह की संभावना बनती है या यह विवाद आगे और गहराता है।
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