स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि इस प्रस्ताव पर सक्रियता से काम चल रहा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो देश के केंद्रीय मेडिकल कॉलेजों और एम्स में पढ़ने वाले हजारों इंटर्न्स को इसका फायदा होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड आखिरी बार 1 जनवरी 2022 को बढ़ाया गया था। उस समय इसे ₹30,070 प्रति महीने किया गया था। इससे पहले, 1 जनवरी 2018 को ₹23,500 से ₹26,300 और 1 जनवरी 2020 को ₹26,300 से ₹30,070 किया गया था।
लेकिन 2022 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि पिछले छह सालों तक हर दो साल में स्टाइपेंड बढ़ाने का पैटर्न रहा था।
आरटीआई के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ाने का मामला फिलहाल मंत्रालय के भीतर समीक्षा और प्रशासनिक जांच के चरण में है। मंत्रालय ने 15 जून को दिए गए जवाब में कहा, "यह एक नीति से जुड़ा मामला है और फिलहाल मंत्रालय के भीतर विचाराधीन है।
प्रस्ताव की समीक्षा, जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है।" अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह मेडिकल इंटर्न्स के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। लंबे समय से इंटर्न्स स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर कब फैसला लेती है।
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