सीमाओं पर ड्रोन अटैक की आशंका, सरकार ने सुरक्षा बढ़ाने का आदेश

केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि सीमाओं पर मौजूद हमारे महत्वपूर्ण ठिकानों पर दुश्मन ड्रोन हमला कर सकते हैं। जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विंग ने जमीन और समुद्री सीमाओं के पास मौजूद महत्वपूर्ण संपत्तियों और ठिकानों पर ड्रोन अटैक को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मंत्रालय ने कहा है कि हमें जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने होंगे और खासकर सीमा के पास बने अपने ठिकानों को इन खतरनाक ड्रोनों से बचाने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने होंगे। गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के तहत एक खास कमेटी बनाई है।

इस कमेटी का काम भारत के लिए सबसे अच्छे एंटी-ड्रोन सिस्टम को जांचना और पास करना है। BSF ने पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के इलाकों में इन सिस्टमों को लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ट्रायल भी हो रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी एक टीम बनाई है।

इस टीम में DRDO, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एयरपोर्ट अथॉरिटी (AAI) और BSF के अधिकारी शामिल हैं, जो देश के महत्वपूर्ण ठिकानों का दौरा कर रहे हैं। तमिलनाडु के थूथुकुडी में वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट पर देश का पहला एडवांस एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया गया है।

यह सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी और रडार पर आधारित है, जो दुश्मन के ड्रोन को पहचानने और जैम करने में सक्षम है। यह सिस्टम 360-डिग्री नजर रखता है और पोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करता है। यह कदम सरकार के 'अमृत काल विजन 2047' और 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' के तहत उठाया गया है।

मुख्य बातें - केंद्र सरकार ने सीमाओं पर ड्रोन अटैक की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया। - BSF और CISF ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने के लिए टीम बनाई। - तमिलनाडु के थूथुकुडी पोर्ट पर देश का पहला एडवांस एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया गया।

- यह सिस्टम 360-डिग्री नजर रखता है और दुश्मन के ड्रोन को जैम कर सकता है।

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