फोन और ऑनलाइन ठगी से बचने के 7 आसान और जरूरी तरीके

ठग दिन-ब-दिन और शातिर होते जा रहे हैं। फर्जी बैंक कॉल और UPI फ्रॉड से लेकर AI से बनी नकली आवाज़ तक, ठग लोगों को फंसाने के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। ज़्यादातर ठगी का तरीका एक जैसा है — वे जल्दबाजी, डर या लालच पैदा करते हैं ताकि शिकार बिना सोचे-समझे फैसला ले ले।

कुछ आसान आदतें अपनाकर आप ठगी का शिकार होने से काफी हद तक बच सकते हैं। 1. OTP या वेरिफिकेशन कोड कभी न बताएं कोई भी सही बैंक, पेमेंट ऐप, सरकारी विभाग या कस्टमर केयर कभी आपका OTP नहीं मांगता। अगर कोई मांगे तो इसे तुरंत खतरे की घंटी समझें और कॉल काट दें। 2.

भरोसा करने से पहले जांच लें ठग अक्सर बैंक, डिलीवरी कंपनी, टेलीकॉम कंपनी या सरकारी अफसर बनकर कॉल करते हैं। अगर कोई शक भरी कॉल आए तो काट दें और उस कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही संपर्क करें — कॉल करने वाले के दिए नंबर से नहीं। 3.

दबाव में आकर फैसला न लें कई ठगी इस तरह होती हैं कि वे डरा देते हैं — कहते हैं अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, KYC खत्म हो गई है, या कानूनी कार्रवाई होगी। जल्दबाजी और डर ठगी की सबसे आम पहचान है। थोड़ा रुकें और सोचें। 4.

लिंक से सावधान रहें अनजान नंबर से आए SMS, ईमेल या चैट के लिंक पर क्लिक करने से बचें। कोई भी निजी या बैंकिंग जानकारी डालने से पहले वेबसाइट का पूरा पता ज़रूर जांचें। URL में छोटा सा बदलाव ठगी का पुराना तरीका है। 5.

कॉलर ID और स्पैम प्रोटेक्शन ऐप इस्तेमाल करें स्पैम पकड़ने वाले ऐप शक भरी कॉल को उठाने से पहले ही पहचान सकते हैं। लोगों की रिपोर्ट पर चलने वाले सिस्टम अब ठगी की कॉल और मैसेज से बचाव की एक अहम परत बन गए हैं। 6.

AI वॉइस स्कैम को लेकर सतर्क रहें ठग अब आवाज़ की नकल करके परिवार के सदस्य, सहकर्मी या किसी बड़े अफसर जैसी आवाज़ बना सकते हैं। अगर कोई कॉल पर पैसे या जरूरी जानकारी मांगे, तो कुछ भी करने से पहले किसी दूसरे भरोसेमंद तरीके से उसकी पहचान पक्की करें। 7.

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