19वें MIFF फोरम में सिनेमा में AI के उपयोग पर चर्चा

19वें MIFF ओपन फोरम में हाल ही में सिनेमा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग और उसकी जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। इस बातचीत में AI के जरिए क्रिएटिविटी में बदलाव और इससे जुड़े नैतिक मुद्दों पर जोर दिया गया।

फोरम ने फिल्म निर्माण में तकनीक के संतुलित उपयोग की जरूरत को रेखांकित किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव अब मनोरंजन समेत कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। सिनेमा में AI का इस्तेमाल स्क्रिप्ट लिखने, विजुअल इफेक्ट्स और कास्टिंग जैसे कामों में हो रहा है।

हालांकि, इन तकनीकों से काम में तेजी और नए आइडिया मिलते हैं, लेकिन इससे मौलिकता और नैतिक सीमाओं पर सवाल भी उठते हैं। फोरम में विशेषज्ञों ने चर्चा की कि क्या AI मानव क्रिएटिविटी की जगह ले सकता है या इसे बेहतर बना सकता है।

उन्होंने तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए कला की मौलिकता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, फिल्म इंडस्ट्री में रोजगार पर AI के प्रभाव पर भी चर्चा हुई, क्योंकि ऑटोमेशन से पारंपरिक भूमिकाएं प्रभावित हो सकती हैं।

MIFF ओपन फोरम फिल्म निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और इंडस्ट्री के लोगों को संवाद का मंच प्रदान करता है। इस साल AI पर फोकस दिखाता है कि कहानी कहने और प्रोडक्शन में तकनीक की भूमिका कितनी अहम हो रही है।

फोरम ने सिनेमा में AI को जिम्मेदारी और सोच-समझकर अपनाने की अपील की, ताकि यह क्रिएटिविटी को बढ़ाए, न कि उसे नुकसान पहुंचाए। मुख्य बातें - 19वें MIFF फोरम में सिनेमा में AI पर चर्चा हुई। - फिल्म निर्माण में AI के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया गया।

- AI के क्रिएटिविटी और रोजगार पर प्रभाव पर बहस हुई। - AI से जुड़े नैतिक मुद्दों को फोरम में उठाया गया। स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, recent. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2273604

NewsDarpan

पूरी खबर पढ़ें