एक्सेंचर ने अपनी सैलरी बढ़ोतरी के स्ट्रक्चर में किया बदलाव, 7.8 लाख कर्मचारियों पर असर एक्सेंचर ने जून के सैलरी कंपेंसेशन साइकल के लिए सैलरी बढ़ोतरी के स्ट्रक्चर में बदलाव का ऐलान किया है। ये बदलाव कंपनी के दुनियाभर के 7.8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों पर असर डालेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा देखे गए एक इंटरनल मेमो के मुताबिक, एक्सेंचर अब सैलरी बढ़ोतरी को दो हिस्सों में बांटेगा — बेस पे और एक बार मिलने वाला लंप-सम पेआउट।
बढ़ोतरी का आधा हिस्सा कर्मचारियों की बेस सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी आधा हिस्सा जून में लंप-सम पेआउट के तौर पर दिया जाएगा। कंपनी ने बताया कि इस नए स्ट्रक्चर का मकसद कर्मचारियों को तुरंत कैश बेनिफिट देना और साथ ही ओवरऑल पे-रोल कॉस्ट को मैनेज करना है।
मेमो में कहा गया, "हम न केवल उन लोगों की संख्या बढ़ा रहे हैं जिन्हें स्टे-एट-लेवल बढ़ोतरी मिलेगी, बल्कि इसे दो हिस्सों में दे रहे हैं — आधा बेस पे बढ़ोतरी के रूप में और आधा जून में एक बार लंप-सम पेआउट के रूप में।" हालांकि, प्रमोशन से जुड़ी सैलरी बढ़ोतरी पूरी तरह बेस पे में दी
जाएगी, और लंप-सम पेआउट साल के अंत में मिलने वाले एनुअल बोनस से अलग रहेगा। सैलरी बढ़ोतरी के फैसले टैलेंट लीड्स द्वारा कर्मचारियों की स्किल्स, परफॉर्मेंस, इम्पैक्ट और बिहेवियर के आधार पर किए जाएंगे।
नए स्ट्रक्चर को समझाने के लिए मेमो में एक उदाहरण दिया गया: अगर किसी कर्मचारी को 3% सैलरी बढ़ोतरी मंजूर होती है, तो 1.5% बेस पे में जोड़ा जाएगा और बाकी 1.5% जून में लंप-सम पेआउट के रूप में दिया जाएगा। इस बदलाव पर कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कुछ ने पूछा है कि क्या ये व्यवस्था सिर्फ एक बार की है और लंप-सम हिस्से पर टैक्स कैसे लगेगा।
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