शहीद शुभम की पत्नी 21 लाख लेकर मायके गई, परिवार में विवाद बढ़ा

शहीद शुभम की पत्नी 21 लाख लेकर चली गईं, पिता बोले- अगर कोर्ट मैरिज की थी तो घर क्यों नहीं आई? 13 जून को असम के जोरहाट में वायुसेना के विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की मौत से परिवार गम में डूबा है।

लेकिन अब 21 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिहार सरकार ने ये मुआवजा शुभम की पत्नी श्रेया राय को दिया है। 25 साल के शुभम बिहार के जहानाबाद के रहने वाले थे। उन्होंने श्रेया राय से कोर्ट मैरिज की थी, जिसकी जानकारी उनके परिवार को नहीं थी।

दोनों अगले साल पारंपरिक तरीके से शादी करने वाले थे। शुभम की मौत के बाद सरकार ने श्रेया को उनकी कानूनी पत्नी मानते हुए मुआवजे का चेक दिया। लेकिन श्रेया reportedly चेक लेकर अपने मायके आजमगढ़, उत्तर प्रदेश चली गईं। वह शुभम के श्राद्ध में भी शामिल नहीं हुईं।

शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने श्रेया के इस कदम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुआवजे पर श्रेया का कानूनी हक है, लेकिन पत्नी होने के नाते उन्हें परिवार के साथ रहना चाहिए था।

अमरेंद्र ने आरोप लगाया कि न तो सर्किल ऑफिसर (सीओ) और न ही श्रेया ने चेक के बारे में उन्हें कोई जानकारी दी। उनका कहना है कि चेक उनके घर पर आना चाहिए था और श्रेया को ससुराल आकर इसे लेना चाहिए था। शुभम का अंतिम संस्कार गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर हुआ।

उनके छोटे भाई ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। परिवार शुभम की उपलब्धियों और सपनों को याद कर रहा है। शुभम के दादा योगेंद्र शर्मा ने सरकार पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से उनके पोते की जान गई।

उन्होंने बताया कि जिस विमान से हादसा हुआ, वह करीब 40 साल पुराना था। उन्होंने सरकार पर पुराने और खराब उपकरणों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। योगेंद्र ने शुभम को परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद बताया। शुभम के नाना सरजू शर्मा ने भी सरकार को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया।

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