राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को भारत की प्राकृतिक और आदिवासी धरोहर के लिए बड़ा खतरा बताया।
उन्होंने इसे 'विकास की भाषा में विनाश' करार देते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की।
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को भारत की प्राकृतिक और आदिवासी धरोहर के लिए बड़ा खतरा बताया।
उन्होंने इसे 'विकास की भाषा में विनाश' करार देते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर तीखा हमला करते हुए इसे भारत की संपत्ति की सबसे बड़ी चोरी और एक व्यवसायी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 'विकास की भाषा में विनाश' है और इसे तुरंत रोकने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने इस परियोजना को देश के प्राकृतिक और आदिवासी धरोहर के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट को विकास के नाम पर पेश किया जा रहा है, लेकिन असल में यह पर्यावरण और सांस्कृतिक नुकसान का बड़ा कारण बन सकता है।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और आदिवासी समुदायों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। राहुल गांधी की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
उन्होंने इस परियोजना को रोकने की मांग करते हुए कहा कि देश को टिकाऊ और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स को केवल एक व्यवसायी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि देश के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाना चाहिए।
इस प्रोजेक्ट के दायरे और इसके प्रभावों को लेकर अभी भी चर्चा जारी है। विभिन्न पक्ष इसके लाभ और जोखिमों पर विचार कर रहे हैं। राहुल गांधी की टिप्पणी ने इस मुद्दे पर राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस को और गहरा कर दिया है। Read full story for details.