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रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को बताया 'भरोसेमंद साझेदार', पश्चिमी दखलअंदाजी पर साधा निशाना

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को 'भरोसेमंद साझेदार' बताते हुए पश्चिमी देशों की दखलअंदाजी को वैश्विक स्थिरता के लिए नुकसानदायक करार दिया।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को 'भरोसेमंद साझेदार' बताते हुए पश्चिमी देशों की दखलअंदाजी को वैश्विक स्थिरता के लिए नुकसानदायक करार दिया।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को भारत के साथ रूस की रणनीतिक साझेदारी की सराहना की और पश्चिमी देशों द्वारा इस सहयोग को कमजोर करने की कोशिशों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच का रिश्ता मजबूत है और इसे कमजोर करने की कोई भी कोशिश नाकाम होगी।

पुतिन ने पश्चिमी देशों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी दखलअंदाजी वैश्विक स्थिरता के लिए हानिकारक है। उन्होंने भारत को 'भरोसेमंद साझेदार' बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से मजबूत संबंध हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और बदलाव हो रहे हैं। पुतिन ने यह भी संकेत दिया कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत और रूस के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, और पुतिन के इस बयान से यह साफ होता है कि रूस इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत की संतुलन साधने की रणनीति को भी उजागर करता है, जहां वह पश्चिमी देशों और रूस दोनों के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।