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कोडिंग नहीं, अब प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन की मांग सबसे ज्यादा

ब्लू-कॉलर इंडस्ट्री में 85% कंपनियों के पास खाली पद हैं। अमेरिका में 2027 तक 5.5 लाख प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन की जरूरत होगी।

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ब्लू-कॉलर इंडस्ट्री में 85% कंपनियों के पास खाली पद हैं।

अमेरिका में 2027 तक 5.5 लाख प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन की जरूरत होगी।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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दुनिया में रोजगार के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ कई कोडर्स और इंजीनियर्स बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ब्लू-कॉलर प्रोफेशन जैसे प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 85% कंपनियां इन क्षेत्रों में खाली पदों को भरने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

अमेरिका में स्थिति और भी गंभीर है। अनुमान है कि 2027 तक वहां 5.5 लाख प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन की जरूरत होगी। यह कमी इस बात को दर्शाती है कि ब्लू-कॉलर जॉब्स में कुशल श्रमिकों की भारी कमी है।

आज के समय में, जब टेक्नोलॉजी और आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में इन पेशों की अहमियत और बढ़ गई है। कंपनियां अब इन भूमिकाओं को भरने के लिए विशेष प्रयास कर रही हैं। यह ट्रेंड यह भी दिखाता है कि आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं को बनाए रखने में इन पेशों का कितना महत्वपूर्ण योगदान है।

इस बदलाव ने यह भी साबित किया है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण और वर्कफोर्स डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने वाली नीतियों की कितनी जरूरत है। ब्लू-कॉलर इंडस्ट्री में बढ़ती मांग न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है, बल्कि वैश्विक श्रम बाजार और आर्थिक विकास पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है।