दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में 11 विदेशी नागरिक और एक IVF कपल शामिल थे।
होटल में फायर NOC नहीं थी और लाइसेंस से ज्यादा कमरे चलाए जा रहे थे।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में 11 विदेशी नागरिक और एक IVF कपल शामिल थे।
होटल में फायर NOC नहीं थी और लाइसेंस से ज्यादा कमरे चलाए जा रहे थे।

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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 11 विदेशी नागरिक और 10 भारतीय शामिल हैं। विदेशी मृतकों में 9 अफ्रीकी देशों के नागरिक थे। इस हादसे में एक अफ्रीकी कपल भी शामिल था, जो IVF ट्रीटमेंट के लिए दिल्ली आया था। बचाव दल को उनके शव बाथरूम में मिले, जहां दोनों एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे। महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी और पति पास की कुर्सी पर। दम घुटने से दोनों की मौत हुई।
आग ग्राउंड फ्लोर पर सुबह करीब 8:30 बजे लगी, जिससे इमारत की एकमात्र सीढ़ी ब्लॉक हो गई। खिड़कियां सील होने और इमरजेंसी एग्जिट न होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके। दिल्ली फायर सर्विस के चीफ ए.के. मलिक ने बताया कि धुआं तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गया, जिससे बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।
होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में बजाज ने कबूल किया कि होटल में फायर NOC नहीं थी और 6 कमरों के लाइसेंस पर 25 कमरे चलाए जा रहे थे। बजाज ने यह भी बताया कि आग लगने के दौरान वह मौके से भाग गया था और किसी की मदद नहीं की।
पुलिस के अनुसार, यह होटल तीन पार्टनरों द्वारा संचालित था और इनके दिल्ली में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी हैं। इस हादसे ने दिल्ली में फायर सेफ्टी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनवरी 2021 से अब तक दिल्ली में आगजनी की घटनाओं में 445 लोगों की मौत हो चुकी है। Read full story for details.