केंद्र सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के लिए दो चरणों में लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 2029 और 2034 तक साझा चुनावी चक्र लाने का प्रस्ताव दिया है।
केंद्र सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के लिए दो चरणों में लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 2029 और 2034 तक साझा चुनावी चक्र लाने का प्रस्ताव दिया है।

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केंद्र सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की अवधारणा को लागू करने के लिए एक सुरक्षित और व्यावहारिक रास्ता तलाश रही है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस योजना को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ लगभग 20 राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद, 2034 तक पूरे देश को साझा चुनावी चक्र में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
JPC की अवधि 2026 के मानसून सत्र तक बढ़ा दी गई है। समिति को अपनी रिपोर्ट इसी अवधि के अंत तक संसद में प्रस्तुत करनी है। रिपोर्ट में विभिन्न हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चाओं और प्रस्तुतियों के आधार पर सिफारिशें दी जाएंगी।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित इस पैनल ने 191 दिनों के शोध और परामर्श के बाद अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए संवैधानिक विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, इसे लागू करने के लिए संसद में आवश्यक कानूनी प्रावधान और राजनीतिक सहमति की जरूरत होगी।
1952 से 1967 तक लोकसभा और अधिकांश विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे। लेकिन 1967 के बाद सरकारों के गिरने और समय से पहले चुनाव होने के कारण यह चक्र टूट गया। अब सरकार इस मॉडल को फिर से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।