Amid allegations of bribe-taking for government schemes, some TMC leaders in West Bengal have started returning money to beneficiaries.
Investigations and complaints are ongoing in several districts.
Amid allegations of bribe-taking for government schemes, some TMC leaders in West Bengal have started returning money to beneficiaries.
Investigations and complaints are ongoing in several districts.

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कई स्थानीय नेताओं पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कट-मनी लेने के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के चलते कई जिलों में नेताओं पर दबाव बढ़ा है और कुछ ने वसूले गए पैसे लौटाने शुरू कर दिए हैं। कूचबिहार के घुघुमारी इलाके में स्थानीय नेताओं ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को पैसे लौटाने की घोषणा की। वहीं, माथाभांगा के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के 14 लाभार्थियों को कमीशन के रूप में ली गई राशि वापस की गई। भाजपा नेताओं का दावा है कि पैसे वापस मिलने के बाद कुछ लाभार्थियों ने मंदिर में पूजा भी की।
दक्षिण 24 परगना के नामखाना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लिए गए 5-5 हजार रुपये ग्रामीणों को लौटाए गए। शिबरामपुर ग्राम पंचायत के सदस्य माधव चंद्र लाया ने दावा किया कि उन्होंने 45 ग्रामीणों को पैसे लौटाए और आरोप लगाया कि यह राशि पार्टी के दबाव में ली गई थी।
मुर्शिदाबाद के नूतनग्राम में बांग्लार आवास योजना के तहत ग्राम उपप्रधान सिराजुल शेख पर 5 से 15 हजार रुपये तक की रिश्वत लेने का आरोप लगा। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
नादिया जिले में लक्ष्मीर भंडार योजना में भी गड़बड़ी सामने आई है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही इस योजना में 173 पुरुषों के नाम लाभार्थियों की सूची में पाए गए। जांच के बाद इन नामों को हटा दिया गया है।
राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं और कट-मनी के मामलों की जांच के लिए एक 'इंस्टिट्यूशनल कमीशन' का गठन किया है। इस आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु करेंगे। सरकार का कहना है कि यह आयोग लोगों को सीधे शिकायत दर्ज कराने का मौका देगा।
भाजपा ने TMC पर ग्रामीणों को धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। हालांकि, TMC नेतृत्व ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि पार्टी का अवैध वसूली से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने यह भी कहा कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें अपने कृत्यों का जवाब खुद देना होगा।