सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने इसे 'कवर-अप' करार देते हुए कहा कि असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने बयान जारी कर मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए और मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख सीबीएसई छात्रों की चिंता होती, तो अब तक शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी होती। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अधिकारियों का तबादला करना जवाबदेही सुनिश्चित करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह असली जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास है।
इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। सीबीएसई के प्रशासनिक फैसलों और ओएसएम प्रणाली के टेंडर को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
इस विवाद ने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को छात्रों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।