New revelations in the Nashik TCS harassment and forced conversion case highlight targeted actions against victims, as detailed in the charge sheet submitted to court.
Nashik TCS Case: Allegations of Harassment and Forced Conversion Surface
New revelations in the Nashik TCS harassment and forced conversion case highlight targeted actions against victims, as detailed in the charge sheet submitted to court.
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महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ऑफिस से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में चार्जशीट में कई नए खुलासे हुए हैं। चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित महिलाओं को मानसिक तनाव कम करने के बहाने निशाना बनाया और उनकी कमजोरियों का फायदा उठाया। एक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामी मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए गए। आरोपियों ने उससे कहा कि भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दे, इससे उसके सारे गुनाह माफ हो जाएंगे।
इस मामले में अप्रैल में 9 महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चार्जशीट में 106 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें पीड़ित महिलाएं, TCS के कर्मचारी, मैनेजमेंट और POSH समिति के सदस्य शामिल हैं।
पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। वहीं, निदा खान ने कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लामी परंपराओं का पालन करने का दबाव बनाया। FIR में यह भी कहा गया है कि हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जहां वे 'टारगेट' पर चर्चा करते थे। SIT इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है। TCS ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है।
