India's First Hydrogen Train: A Step Towards Clean Energy

On World Environment Day, India's first indigenous hydrogen train is gaining attention for its clean energy potential. Set to operate on the Jind-Sonipat rail route, the initiative highlights both opportunities and challenges in sustainable transport.

Quick answer

On World Environment Day, India's first indigenous hydrogen train is gaining attention for its clean energy potential.

Set to operate on the Jind-Sonipat rail route, the initiative highlights both opportunities and challenges in sustainable transport.

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारतीय रेलवे की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही जिंद-सोनीपत रेलखंड पर चलने वाली है। यह ट्रेन न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करती है। इस परियोजना को 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।

रेलवे के 2023 के अनुमान के अनुसार, एक हाइड्रोजन ट्रेन बनाने में लगभग 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा, हर रूट पर आधारभूत ढांचे के निर्माण में करीब 70 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस योजना के तहत 35 ट्रेनों के निर्माण और संचालन पर कुल निवेश 5,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि, इस परियोजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। ऊंची लागत और व्यापक आधारभूत ढांचे की आवश्यकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जिंद-सोनीपत रेलखंड पर शुरू होने वाली यह ट्रेन तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। यह परियोजना भारत के परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, यह भारत की जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

इस परियोजना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दे सकती है। हालांकि, इसकी लागत और आधारभूत ढांचे की जरूरत को लेकर चर्चा जारी है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इस पहल ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।