भारत ने पिछले महीने रूस से रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया।
अमेरिका अब इस आयात पर दी गई छूट को खत्म करने की योजना बना रहा है, जिससे भारत की ऊर्जा रणनीति प्रभावित हो सकती है।
भारत ने पिछले महीने रूस से रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया।
अमेरिका अब इस आयात पर दी गई छूट को खत्म करने की योजना बना रहा है, जिससे भारत की ऊर्जा रणनीति प्रभावित हो सकती है।

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अमेरिका रूस से तेल आयात पर दी गई प्रतिबंध छूट को खत्म करने की योजना बना रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और खासतौर पर भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है। एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पिछले महीने रूस से रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया। यह आयात अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंध छूट के तहत संभव हुआ।
इस छूट ने भारत जैसे देशों को रूस से कच्चा तेल आयात करने की अनुमति दी है, जबकि रूस पर व्यापक प्रतिबंध लागू हैं। अगर अमेरिका इस छूट को खत्म करता है, तो भारत की ऊर्जा रणनीति पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत वर्तमान में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए रूसी तेल पर काफी निर्भर है।
हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस छूट को खत्म करने की समयसीमा या अन्य विवरणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह निर्णय ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष और अन्य भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ा बताया जा रहा है। अगर छूट खत्म होती है, तो भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है या मौजूदा समझौतों को फिर से तय करना पड़ सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञ इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। भारत के रिकॉर्ड आयात स्तर इस बात को दर्शाते हैं कि देश सस्ते ऊर्जा स्रोतों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इस नीति बदलाव के प्रभावों का आकलन किया जाएगा। Read full story for details.